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CAQM निर्देश 96: गेहूँ के अवशेष जलाने पर 2026 की व्यवस्था और अक्टूबर का संदर्भ
गेहूँ के अवशेष संबंधी CAQM निर्देश की शर्तें, मशीन और आपूर्ति योजना की भूमिका तथा अक्टूबर 2026 के धान मौसम से उनका अंतर।
विषय सूची
- निर्देश किसके लिए है और क्या चाहता है?
- पुराने आँकड़ों के साथ अवधि और क्षेत्र भी पढ़ें
- योजना की शुरुआत प्रत्येक खेत से हो
- कटाई के समय मशीन मिलना क्यों केंद्रीय प्रश्न है?
- भंडारण और वर्षभर की आपूर्ति एक साथ सोचें
- सहायता, निगरानी और प्रवर्तन कैसे जुड़ते हैं?
- मई की समीक्षा किस अवधि के बारे में थी?
- धान के बाद वाले निर्देश की अलग पहचान रखें
- जुलाई का पत्र निगरानी का एक और दस्तावेज है
- अक्टूबर 2026 की प्रासंगिक स्थिति
- अगले योजना चक्र से पहले कौन-से रिकॉर्ड देखें?
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 1. क्या निर्देश 96 अक्टूबर 2026 का धान जलाने संबंधी आदेश है?
- 2. अधिकतम 100 किसानों की सीमा का क्या अर्थ है?
- 3. क्या किरायामुक्त मशीन का अर्थ सभी खर्च माफ होना है?
- 4. क्या 2025 की आग की संख्या वर्तमान प्रदूषण का हिस्सा बताती है?
- 5. क्या इस निर्देश में नया सार्वभौमिक जुर्माना तय हुआ है?
- 6. क्या मासिक रिपोर्ट घटनाएँ समाप्त होने का प्रमाण है?
- 7. क्या अगले मौसम के लिए 2026 के निर्देश सीधे अपना सकते हैं?
- मूल दस्तावेज: PDF और आधिकारिक अपडेट
मुख्य बातें
किसके लिए: जिला और राज्य कार्यान्वयन दल, पर्यावरण पेशेवर, मशीन प्रदाता, किसान और सामान्य पाठक
- 13 फरवरी 2026 का निर्देश 96 गेहूँ के लिए है; धान के बाद के प्रावधान अलग पढ़ें।
- खेतवार योजना, मशीन, भंडारण और वर्षभर की आपूर्ति सहायता को रोकथाम से जोड़ते हैं।
- गेहूँ में 100 किसानों की सीमा है; बाद के धान निर्देश में हॉटस्पॉट गाँवों के लिए 50 की सीमा है।
- पुराने आँकड़े और तारीख सहित समीक्षाएँ अपने क्षेत्र और अवधि में पढ़ें; योजना पूर्ण परिणाम का प्रमाण नहीं।
CAQM का निर्देश संख्या 96 वर्ष 2026 की कटाई के दौरान गेहूँ के अवशेष जलाने की घटनाएँ रोकने और समाप्त करने के लिए समन्वित कार्रवाई की व्यवस्था बताता है। 13 फरवरी 2026 को जारी इस दस्तावेज में खेत की योजना, मशीन की उपलब्धता, भूसे का भंडारण, आपूर्ति शृंखला, निगरानी और प्रवर्तन जुड़े हुए हैं। मुख्य व्यावहारिक प्रश्न है: खेत खाली करने के समय किसान के पास जलाने के अलावा कौन-सी व्यवस्था उपलब्ध है?
अक्टूबर 2026 में इसे पढ़ते समय फसल और तारीख स्पष्ट रखना जरूरी है। यह गेहूँ के मौसम का निर्देश है। वर्तमान धान कटाई के संदर्भ में बाद का धान संबंधी निर्देश, जुलाई का निगरानी पत्र और अक्टूबर की आधिकारिक समीक्षाएँ भी प्रासंगिक हैं। इन दस्तावेजों को साथ समझें, लेकिन उनकी संख्याएँ, समयसीमाएँ और शर्तें एक-दूसरे में न मिलाएँ।
निर्देश किसके लिए है और क्या चाहता है?
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग, अर्थात CAQM, ने यह निर्देश CAQM अधिनियम, 2021 की धारा 12 के अंतर्गत जारी किया। अनुच्छेद 13 पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को संबोधित करता है। अनुच्छेद 14 दिल्ली और राजस्थान से भी आगामी कटाई में गेहूँ के अवशेष जलाने की घटनाएँ समाप्त करने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहता है।
जिम्मेदारियों का यह विभाजन बनाए रखना चाहिए। सरकारी कार्ययोजना और प्रशासनिक समन्वय की शर्तों को ऐसा नया अखिल भारतीय प्रपत्र नहीं कहा जा सकता जिसे प्रत्येक किसान स्वयं जमा करे। किसान, मशीन उपलब्ध कराने वाले केंद्र और भूसे के उपयोगकर्ता व्यवस्था के व्यावहारिक भाग हैं; संबंधित अधिकारियों की निर्धारित जिम्मेदारी भी उतनी ही स्पष्ट रहनी चाहिए।
दस्तावेज की पृष्ठभूमि में फसल अवशेष प्रबंधन की पहले की व्यवस्था, 28 जुलाई 2021 का परामर्श और दिसंबर 2025 में गेहूँ संबंधी विचार-विमर्श का उल्लेख है। फरवरी का निर्देश इसी तैयारी को मौसमी कार्ययोजना में बदलता है। हालांकि, किसी बैठक या योजना का उल्लेख अपने आप यह प्रमाण नहीं है कि उसके सभी उपाय पूरे हो गए।
पुराने आँकड़ों के साथ अवधि और क्षेत्र भी पढ़ें
अनुच्छेद 5 में 1 अप्रैल से 31 मई 2025 के दौरान पंजाब में 10,207, हरियाणा में 1,832 और उत्तर प्रदेश के NCR जिलों में 259 आग की घटनाएँ दर्ज होने का उल्लेख है। इनके लिए दस्तावेज में ISRO/IARI प्रोटोकॉल का संदर्भ दिया गया है। ये निर्देश जारी करते समय उद्धृत ऐतिहासिक आँकड़े हैं। इन्हें पूरे उत्तर प्रदेश की संख्या या 2026 का अंतिम परिणाम नहीं लिखना चाहिए।
आग की घटना की गणना का अपना अर्थ है। इससे सीधे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि कितने टन भूसा जला, कितने हेक्टेयर प्रभावित हुए या दिल्ली के किसी दिन के प्रदूषण में उसका कितने प्रतिशत योगदान था। इन प्रश्नों के लिए अलग मापन और प्रमाण चाहिए। निर्देश क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता की चिंता बताता है, लेकिन अक्टूबर के किसी दिन का प्रदूषण स्रोत विश्लेषण नहीं देता।
इसलिए तुलना से पहले चार बातें मिलाएँ: फसल, भौगोलिक क्षेत्र, निगरानी की अवधि और मापन विधि। आधे मौसम की रिपोर्ट को पिछले वर्ष के पूरे मौसम से मिलाकर सुधार या गिरावट बताना उचित नहीं होगा। सही शीर्षक और स्पष्ट अवधि पाठक को आँकड़ों का वास्तविक अर्थ समझने में सहायता करते हैं।
योजना की शुरुआत प्रत्येक खेत से हो
निर्देश के अनुसार सभी गाँवों के प्रत्येक खेत को उसके प्रस्तावित गेहूँ अवशेष प्रबंधन विकल्प के साथ मैप किया जाना है। इसमें फसल विविधीकरण, खेत में प्रबंधन, खेत से बाहर उपयोग और चारे जैसे विकल्प बताए गए हैं। तकनीकी भाषा में in-situ का अर्थ खेत में अवशेष का प्रबंधन और ex-situ का अर्थ बाहर ले जाकर उपयोग की व्यवस्था है।
इसका व्यावहारिक उद्देश्य किसी पहचाने गए खेत को ऐसी व्यवस्था से जोड़ना है जो जरूरत के समय काम कर सके। जिले में मशीनों की कुल संख्या जानना उपयोगी है, लेकिन इससे अकेले यह पता नहीं चलता कि संबंधित किसान को सही समय पर कौन-सी मशीन मिलेगी। योजना में प्रस्तावित रास्ता इतना स्पष्ट होना चाहिए कि किसान और सहायता देने वाले अधिकारी दोनों उसे समझ सकें।
निर्देश नोडल अधिकारियों को किसान समूहों से जोड़कर जिले के सभी किसानों को शामिल करने को भी कहता है। प्रत्येक अधिकारी के लिए अधिकतम 100 किसानों की सीमा है। यह ऊपरी सीमा है; अधिकारी नियुक्त करने से पहले कम-से-कम 100 किसान इकट्ठे करने की शर्त नहीं। संपर्क और वास्तविक कवरेज की समीक्षा संख्या के साथ होनी चाहिए।
कटाई के समय मशीन मिलना क्यों केंद्रीय प्रश्न है?
अनुच्छेद 13 फसल अवशेष प्रबंधन, यानी Crop Residue Management या CRM मशीनों की समय पर उपलब्धता और सर्वोत्तम उपयोग की बात करता है। कटाई के व्यस्त समय पर विशेष ध्यान और मोबाइल ऐप की व्यवस्था इसका हिस्सा है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए Custom Hiring Centres, अर्थात CHCs, के माध्यम से किरायामुक्त मशीन उपलब्ध कराने का निर्देश भी है।
यहाँ लाभार्थी और माध्यम दोनों महत्वपूर्ण हैं। इसे सभी लोगों के लिए हर संबद्ध सेवा पूरी तरह मुफ्त होने की घोषणा नहीं बनाना चाहिए। इस प्रावधान से अकेले ईंधन, चालक, परिवहन या स्थानीय बुकिंग के प्रत्येक खर्च का उत्तर नहीं मिलता। लागू योजना तथा संबंधित केंद्र की जानकारी लेकर इन प्रश्नों की पुष्टि करें।
व्यवस्था की समीक्षा केवल बुकिंग दर्ज होने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उचित मशीन उपलब्ध थी या नहीं, उसकी चालू हालत की जानकारी थी या नहीं और सहायता रुकने पर किसान किससे संपर्क करता—ये उपयोगी व्यावहारिक प्रश्न हैं। लेख इन्हें समीक्षा के सुझाव के रूप में रखता है; ये कोई नया वैधानिक प्रपत्र नहीं हैं।
अनुरोध से सेवा पूरी होने तक का रिकॉर्ड उपलब्धता का बेहतर चित्र देता है। खरीदी गई या सूची में दर्ज मशीनों की संख्या और खेत तक पहुँची सहायता अलग बातें हैं। जब कम समय में कई किसानों को उपकरण चाहिए, तब इस अंतर को पहचानना विशेष रूप से उपयोगी होता है।
भंडारण और वर्षभर की आपूर्ति एक साथ सोचें
निर्देश गेहूँ के भूसे के पर्याप्त और उपयुक्त भंडारण तथा आग से होने वाला नुकसान कम करने की व्यवस्था चाहता है। साथ ही, जिला स्तर की आपूर्ति शृंखला प्रबंधन योजना में वर्षभर की माँग और आपूर्ति पर विचार करना है। इसमें खेत से बाहर उपयोग के साथ चारे की जरूरत भी शामिल है।
इससे कटाई का मौसमी काम संग्रह, भंडारण और आगे उपयोग की लंबी प्रक्रिया से जुड़ता है। सामग्री खेत से निकलने के बाद कहाँ जाएगी, इसका उत्तर भी योजना में होना चाहिए। किसी संभावित खरीदार का नाम लिख देना अपने आप संग्रह की सहमति, पर्याप्त भंडारण या सामग्री स्वीकार किए जाने का प्रमाण नहीं है।
व्यावहारिक चर्चा में प्रत्येक चरण की जिम्मेदारी समझें: किसान से संग्रहकर्ता, संग्रहकर्ता से भंडारण और वहाँ से उपयोगकर्ता तक। मात्रा, समय तथा सामग्री लेने वाले पक्ष की स्पष्टता प्रस्ताव की उपयोगिता परखने में सहायता करती है। निर्देश किसी निश्चित खरीदार, मूल्य या व्यावसायिक लाभ की गारंटी नहीं देता।
चारे के उल्लेख को भी सही सीमा में पढ़ें। यह उपयोग का एक विकल्प है। इससे किसी विशेष भंडारित सामग्री की प्रत्येक पशु या आहार व्यवस्था के लिए तकनीकी उपयुक्तता प्रमाणित नहीं हो जाती। उपयोग संबंधी योजना और सामग्री की उपयुक्तता का आकलन अलग प्रश्न बने रहते हैं।
सहायता, निगरानी और प्रवर्तन कैसे जुड़ते हैं?
निर्देश जिला या ब्लॉक स्तर पर Parali Protection Force की व्यवस्था बताता है। इसमें पुलिस, कृषि, प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों की भागीदारी है। देर शाम गश्त तेज करने के साथ सूचना, शिक्षा और संचार, अर्थात IEC, की गतिविधियों पर भी जोर दिया गया है।
इस व्यवस्था में रोकथाम और निगरानी दोनों हैं। जागरूकता में जलाने के प्रतिकूल प्रभाव समझाने के अलावा यह बताना उपयोगी है कि सहायता कहाँ मिलेगी, उसे कैसे प्राप्त करें और समस्या आने पर किस अधिकारी से संपर्क करें। केवल निषेध दोहराने से वैकल्पिक प्रबंधन का व्यावहारिक रास्ता स्पष्ट नहीं होता।
अनुच्छेद 13(x) उपयुक्त पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति, यानी Environmental Compensation या EC, लगाने और वसूलने को कहता है। निर्देश 96 में नई रुपयेवार दर-सारणी नहीं है। किसी घटना के लिए राशि बताने से पहले लागू प्रावधान और सक्षम प्रक्रिया की पुष्टि आवश्यक है। इस संदर्भ में EC का अर्थ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति है, Environmental Clearance नहीं।
अनुच्छेद 15 के अनुसार कार्ययोजना की स्थिति की मासिक रिपोर्ट CAQM को देनी है। समीक्षा में प्रस्तावित काम, उपलब्ध कराई गई सहायता और वास्तव में पूरा हुए काम का अंतर दिखना चाहिए। निर्देश जारी होने को परिणाम का प्रमाण न मानें। घटनाएँ समाप्त करना उद्देश्य है; इस शब्द का उपयोग अपने आप शून्य घटनाओं की पुष्टि नहीं करता।
मई की समीक्षा किस अवधि के बारे में थी?
15 मई 2026 की CAQM विज्ञप्ति में 1 अप्रैल–14 मई की समान अवधि के लिए पंजाब में 8,986 घटनाएँ, पिछले वर्ष 6,474, और हरियाणा में 3,290, पिछले वर्ष 1,503, बताई गईं। यह सीमित अवधि की तुलना है; पूरे 2026 मौसम का अंतिम परिणाम या अक्टूबर की संख्या नहीं। समीक्षा, पृष्ठ 1।
धान के बाद वाले निर्देश की अलग पहचान रखें
15 मई 2026 का निर्देश संख्या 99 धान के अवशेषों से संबंधित है। इसमें नोडल अधिकारी के लिए सामान्यतः 100 और हॉटस्पॉट गाँवों में 50 किसानों की सीमा है। मशीन खरीद और जिला आपूर्ति योजना के अगस्त 2026 संबंधी मीलपत्थर भी हैं। अक्टूबर में ये बीती समयसीमाएँ हैं। इन्हें फरवरी के गेहूँ निर्देश की शर्त या भविष्य की समयसीमा नहीं लिखना चाहिए।
जुलाई का पत्र निगरानी का एक और दस्तावेज है
28 जुलाई 2026 के CAQM पत्र में धान और गेहूँ की खेती वाले क्षेत्रों, विशेषकर हॉटस्पॉट, की ड्रोन निगरानी का संदर्भ है। इसमें लागू नियमों के अनुसार सुरक्षित और व्यवस्थित सर्वेक्षण, स्थान सहित दस्तावेजीकरण तथा राज्य स्तर पर साक्ष्य और रिपोर्ट की व्यवस्था बताई गई है। कार्रवाई रिपोर्ट की दी गई तारीख 14 अगस्त 2026 थी।
इसे किसानों को निजी ड्रोन खरीदने का सामान्य निर्देश या नियमों के बिना उड़ान की अनुमति न समझें। निगरानी की योजना से हर प्रस्तावित तैनाती पूरी होने की पुष्टि भी नहीं होती। निर्देश, वास्तविक क्रियान्वयन और किसी विशेष घटना से संबंधित निष्कर्ष का रिकॉर्ड अलग रखें।
अक्टूबर 2026 की प्रासंगिक स्थिति
5 अक्टूबर की आधिकारिक सूचना में धान मौसम के लिए 34 जिलों—पंजाब के 18 और हरियाणा के 16—में उड़नदस्तों की तैनाती बताई गई। अवधि 1 अक्टूबर–30 नवंबर 2026 और क्षेत्रीय रिपोर्ट दैनिक है। यह गेहूँ कार्ययोजना की मासिक रिपोर्ट से अलग व्यवस्था है। तैनाती की सूचना।
10 अक्टूबर की विज्ञप्ति में 9–10 अक्टूबर को अमृतसर और तरनतारन के भ्रमण तथा मशीन उपलब्धता और आपूर्ति समन्वय की समीक्षा दर्ज है। यह आधिकारिक गतिविधि का विवरण है; घटनाएँ पूरी तरह रुकने का स्वतंत्र प्रमाण नहीं। जिला समीक्षा।
कृषि मंत्रालय की 13 अक्टूबर की संयुक्त समीक्षा में धान कटाई के दौरान चालू मशीनों, छोटे किसानों की पहुँच और किसानों को अंतिम उपयोगकर्ताओं से जोड़ने पर फिर जोर दिया गया। व्यावहारिक संदेश है कि प्रस्तावित व्यवस्था काम भी करे। इससे गेहूँ के लिए नया सार्वभौमिक लाभ घोषित नहीं होता। संयुक्त समीक्षा।
16 अक्टूबर की विज्ञप्ति में मोगा के चुनिंदा हॉटस्पॉट गाँवों सहित क्षेत्रीय समीक्षा दर्ज है। इसमें धान अवशेष प्रबंधन, मशीन तैनाती, निगरानी और जिला अधिकारियों के समन्वय की समीक्षा बताई गई। इस लेख की स्रोत जाँच में शामिल यह सबसे हाल का फसल अवशेष अपडेट है। इससे क्रियान्वयन का तारीख सहित संदर्भ मिलता है; फरवरी का गेहूँ निर्देश अक्टूबर का धान आदेश नहीं बनता।
अगले योजना चक्र से पहले कौन-से रिकॉर्ड देखें?
जिला दलों और क्रियान्वयन समझने वाले पाठकों के लिए पाँच रिकॉर्ड उपयोगी शुरुआती आधार हैं:
- फसल, मौसम, क्षेत्र और लागू निर्देश की पहचान।
- खेतवार प्रबंधन विकल्प और नोडल अधिकारी का कवरेज।
- मशीन की माँग, उपलब्धता, सेवा पूरी होने और बाकी कमियों का रिकॉर्ड।
- संग्रह, भंडारण और सामग्री प्राप्त करने वाले उपयोगकर्ता की व्यवस्था।
- निगरानी निष्कर्ष, की गई कार्रवाई और सही रिपोर्टिंग अवधि।
यह संपादकीय समीक्षा सूची है, CAQM का अतिरिक्त अनिवार्य प्रारूप नहीं। बाद की कटाई की तैयारी में नई कार्ययोजना और लागू निर्देश जाँचें। वर्ष 2026 की तारीखों को केवल वर्ष बदलकर अगले मौसम की शर्त न बना दें।
कार्य सारांश के साथ मूल दस्तावेज रखें। सारांश में जिम्मेदार पक्ष, अपेक्षित काम और उसके पूरा होने का प्रमाण स्पष्ट करें। सहायता लंबित हो तो बुकिंग को पूर्ण सेवा न लिखें। यही अंतर भंडारण के प्रस्ताव और सामग्री वास्तव में प्राप्त करने की व्यवस्था में रखें। इससे अगली समीक्षा केवल पुरानी घोषणा दोहराने के बजाय बाकी कमी पर ध्यान दे सकती है।
व्यापक पृष्ठभूमि के लिए वेबसाइट का CAQM परिचय और ज्ञान केंद्र पढ़ सकते हैं। किसी विशेष शर्त की पुष्टि का आधार मूल सरकारी दस्तावेज ही रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या निर्देश 96 अक्टूबर 2026 का धान जलाने संबंधी आदेश है?
नहीं। यह 13 फरवरी को वर्ष 2026 के गेहूँ अवशेष प्रबंधन के लिए जारी हुआ था। धान का बाद वाला निर्देश और अक्टूबर की निगरानी सूचनाएँ अलग दस्तावेज हैं। कार्ययोजना में शर्त जोड़ने से पहले फसल और संबंधित निर्देश की पहचान करें।
2. अधिकतम 100 किसानों की सीमा का क्या अर्थ है?
गेहूँ निर्देश में एक नोडल अधिकारी से जुड़े समूह की ऊपरी सीमा 100 किसान है और जिले के सभी किसानों का कवरेज अपेक्षित है। यह न्यूनतम आवंटन, खेत के आकार की सीमा या गाँवों की संख्या नहीं है।
3. क्या किरायामुक्त मशीन का अर्थ सभी खर्च माफ होना है?
संबंधित प्रावधान छोटे और सीमांत किसानों को CHCs से किरायामुक्त मशीन उपलब्ध कराने का है। इससे प्रत्येक संबद्ध खर्च का उत्तर नहीं मिलता। स्थानीय लागू व्यवस्था की पुष्टि करें; प्रत्येक किसान को सभी सेवाएँ मुफ्त मिलने का वादा न करें।
4. क्या 2025 की आग की संख्या वर्तमान प्रदूषण का हिस्सा बताती है?
नहीं। ये निश्चित अवधि और क्षेत्र की ऐतिहासिक घटनाएँ हैं। इन्हें प्रदूषण प्रतिशत, जले क्षेत्रफल या वर्तमान वायु गुणवत्ता का मापन नहीं माना जा सकता। ऐसी किसी तुलना के लिए उपयुक्त और अलग से प्रमाणित आँकड़े चाहिए।
5. क्या इस निर्देश में नया सार्वभौमिक जुर्माना तय हुआ है?
निर्देश उपयुक्त पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने और वसूलने को कहता है, लेकिन नई रुपयेवार दर-सारणी नहीं देता। किसी व्यक्तिगत घटना का परिणाम बताने से पहले लागू प्रावधान और सक्षम आकलन देखें। लेख कोई व्यक्तिगत राशि निर्धारित नहीं करता।
6. क्या मासिक रिपोर्ट घटनाएँ समाप्त होने का प्रमाण है?
नहीं। रिपोर्ट देना जवाबदेही की आवश्यकता है। क्रियान्वयन और परिणाम के प्रमाण अलग से देखने होंगे। प्रस्तावित गतिविधि, जमा रिपोर्ट और सत्यापित पूर्णता तीन अलग स्थितियाँ हैं; इन्हें एक ही उपलब्धि की तरह प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।
7. क्या अगले मौसम के लिए 2026 के निर्देश सीधे अपना सकते हैं?
इनसे तैयारी में सहायता मिल सकती है, लेकिन बाद की लागू कार्ययोजना और निर्देश जाँचना आवश्यक है। फसल संबंधी अलग शर्तें तथा तारीखें सुरक्षित रखें, सेवा की बाकी कमियाँ देखें और भविष्य की आवश्यकता लिखने से पहले वर्तमान स्थिति की पुष्टि करें।
जानकारी की जाँच: 17 अक्टूबर 2026, 13:56 बजे IST।
मूल दस्तावेज: PDF और आधिकारिक अपडेट
पहले चार संदर्भ मूल PDF खोलते हैं; प्रति के लिए ब्राउज़र का डाउनलोड या सहेजें विकल्प चुनें। शेष चार संदर्भ आधिकारिक वेबपृष्ठ हैं। समीक्षा पैकेज में चारों PDF की प्रतियाँ हैं।
- S1 — CAQM Direction No. 96: wheat-stubble action plans 2026
- S2 — CAQM Direction No. 99: paddy-stubble action plans 2026
- S3 — CAQM: drones for monitoring stubble-burning incidents
- S4 — CAQM 28th Commission meeting: dated wheat-season review
- S5 — CAQM paddy-season flying squads: 5 October 2026
- S6 — CAQM district review and field visits: 10 October 2026
- S7 — Joint review of stubble management: 13 October 2026
- S8 — CAQM Moga field review: 16 October 2026
स्रोत और आगे पढ़ें
- CAQM Direction No. 96: wheat-stubble action plans 2026
- CAQM Direction No. 99: paddy-stubble action plans 2026
- CAQM: drones for monitoring stubble-burning incidents
- CAQM 28th Commission meeting: dated wheat-season review
- CAQM paddy-season flying squads: 5 October 2026
- CAQM district review and field visits: 10 October 2026
- Joint review of stubble management: 13 October 2026
- CAQM Moga field review: 16 October 2026
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