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Policy · 18 September 2026

पैकेजिंग हेतु EPR नियम 2026: ब्रांड ओनर और ई-कॉमर्स के लिए अनुपालन गाइड

EPR पैकेजिंग नियम 2026 के तहत ब्रांड मालिकों और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए पंजीकरण, रिपोर्टिंग, रीसाइक्लिंग लक्ष्य और अनुपालन की आसान गाइड।

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6 min read0 viewsTesta & Tegmen Research

EPR for Packaging Rules 2026 अब परामर्श-पत्र से आगे बढ़कर लागू कानून बन चुके हैं, और यदि आपका ब्रांड भारत में प्लास्टिक पैकेजिंग से जुड़ा है, तो अनुपालन की घड़ी पहले ही शुरू हो चुकी है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) ने Plastic Waste Management (Amendment) Rules, 2026 को 31 मार्च 2026 को अधिसूचित किया, जिसने Extended Producer Responsibility (EPR) दायित्वों को Producers, Importers और Brand Owners (PIBOs) के लिए और भी सख्त कर दिया — और पहली बार, ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म्स को स्पष्ट रूप से इस दायरे में लाया गया है। यह गाइड बताता है कि क्या बदला, कौन बाध्य है, और ब्रांड ओनर व ऑनलाइन विक्रेता CPCB की जाँच से पहले एक मज़बूत अनुपालन फ़ाइल कैसे तैयार करें।

2026 संशोधन क्यों महत्वपूर्ण है

भारत में हर वर्ष 40 लाख टन से अधिक प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है, और Central Pollution Control Board (CPCB) पर 2022 में लाए गए EPR फ्रेमवर्क के रिसाव-बिंदुओं को बंद करने का दबाव लगातार बना हुआ था। 2026 संशोधन तीन बड़े बदलाव लाता है: recycled content targets अब वैकल्पिक नहीं बल्कि बाध्यकारी हैं; ई-कॉमर्स संस्थाओं को स्पष्ट रूप से PIBO माना गया है; और उन्नत ऑडिट व traceability तंत्र से केवल कागज़ी अनुपालन असंभव हो गया है।

1 अप्रैल 2026 से लागू, ब्रांड ओनर, आयातक और ई-कॉमर्स इकाइयों को CPCB EPR पोर्टल (eprplastic.cpcb.gov.in) पर पंजीकरण, श्रेणी-वार पैकेजिंग घोषणा, और वार्षिक recycling/composting लक्ष्य पूरे करने अनिवार्य हैं। Environment (Protection) Act, 1986 की धारा 15 के अंतर्गत जुर्माने का दायरा तीखा है — प्रति उल्लंघन ₹10,000 से ₹15 लाख तक, दैनिक निरंतर जुर्माना, और बंदरगाहों पर खेप की ज़ब्ती का जोखिम।

नियमों के अंतर्गत ब्रांड ओनर कौन है

नियमों का दायरा बहुत व्यापक है। यदि आपके ब्रांड का नाम, लोगो या ट्रेडमार्क भारत में बिकने वाली प्लास्टिक पैकेजिंग पर छपा है — चाहे उत्पाद आप स्वयं बनाते हों या contract manufacturer से मंगाते हों — आप ब्रांड ओनर हैं। इसमें FMCG, फार्मा, कॉस्मेटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव और D2C स्टार्टअपशामिल हैं। मार्केटप्लेस के अपने ब्रांड नाम से बिकने वाला private-label सामान भी उस मार्केटप्लेस के लिए ब्रांड-ओनर दायित्व उत्पन्न करता है।

ई-कॉमर्स इकाइयाँ: नया मोर्चा

2026 संशोधन ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर किसी भी अस्पष्टता को समाप्त कर देता है। कोई भी ई-कॉमर्स ऑपरेटर जो भारत के बाज़ार में प्लास्टिक-पैक्ड सामान लाता है — जिसमें marketplace-provided packaging (poly mailers, bubble wrap, void fill) का उपयोग करने वाले third-party sellers भी शामिल हैं — उसे PIBO के रूप में पंजीकरण करना होगा और उस पैकेजिंग का हिसाब Category II (flexible) या Category III (multi-layered) दायित्वों के तहत देना होगा। यदि आप अपने वेयरहाउस से शिपिंग करने वाला D2C ब्रांड चलाते हैं, तो primary product packaging और shipping packaging दोनों गिने जाएँगे।

चार पैकेजिंग श्रेणियाँ — अपनी पहचानें

वर्गीकरण आपके लक्ष्य और रिपोर्टिंग प्रारूप दोनों तय करता है, इसलिए फ़ाइल करने से पहले इसे सही समझें:

Category I — कठोर (Rigid) प्लास्टिक पैकेजिंग (बोतलें, जार, कंटेनर, थर्मोफ़ॉर्म्ड ट्रे)।

Category II — एकल परत या एक ही प्रकार के प्लास्टिक की बहु-परत वाली Flexible पैकेजिंग (पाउच, सैशे, कैरी बैग, poly mailers)।

Category III — कम-से-कम एक गैर-प्लास्टिक परत सहित Multi-layered पैकेजिंग (एल्युमीनियम-लाइन्ड पाउच, लैमिनेटेड टेट्रा-शैली पैक)।

Category IV — पैकेजिंग के लिए प्रयुक्त प्लास्टिक शीट, और compostable प्लास्टिक से बने carry bags।

Recycled Content लक्ष्य: 2025-26 से बाध्यकारी

यही वह बदलाव है जिसे अधिकांश PIBO कम आँक रहे हैं। संशोधन ने recycled content को नीति-सलाह से हटाकर वर्ष-दर-वर्ष बढ़ता कठोर दायित्व बना दिया है:

Category I (Rigid)

2025-26: 30%

2026-27: 40%

2027-28: 50%

2028-29 और आगे: 60%

Category II (Flexible)

2025-26: 10%

2026-27: 10%
2027-28 और आगे: 20%

Category III (Multi-layered)

2025-26: 5%

2026-27: 5%

2027-28 और आगे: 10%

एक carry-forward तंत्र संक्रमण को नरम करता है: यदि आप 2025-26 का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाते, तो कमी को तीन वर्षों तक आगे ले जा सकते हैं, बशर्ते हर वर्ष कम-से-कम एक-तिहाई कमी की भरपाई करें। यह छूट है, माफ़ी नहीं — CPCB पोर्टल वर्षांत में आपकी वार्षिक स्थिति lock कर देगा।

पंजीकरण और पोर्टल कार्यप्रवाह

हर PIBO को 1 अप्रैल 2026 से पहले वैध EPR पंजीकरण प्रमाणपत्र रखना होगा। पंजीकरण eprplastic.cpcb.gov.in पर केंद्रीकृत है और पूरे भारत में लागू है — राज्यवार पंजीकरण की आवश्यकता नहीं। पोर्टल आपको पाँच चरणों से गुज़ारता है: entity KYC, श्रेणी-वार पैकेजिंग घोषणा, तीन वर्षों का बेसलाइन डेटा, लक्ष्य गणना, और प्रमाणपत्र जारी करना। GST, CIN, PAN, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता ID और ऑडिटेड पैकेजिंग डेटा अपलोड करना अपेक्षित है।

पंजीकरण के बाद, EPR Certificates (आपके recycling दायित्व के बराबर, टन में व्यक्त) CPCB पोर्टल पर व्यापार-योग्य बन जाते हैं। आप या तो CPCB-पंजीकृत Plastic Waste Processor (PWP) के माध्यम से in-house recycle करेंगे, या अपनी कमी पूरी करने के लिए surplus recyclers से EPR Certificates ख़रीदेंगे। प्रत्येक प्रमाणपत्र लेन-देन दर्ज और ऑडिट-योग्य है।

लेबलिंग, QR कोड और Traceability

1 जुलाई 2025 से, Rule 11 के तहत on-pack marking अद्यतन आवश्यक है। प्रत्येक प्लास्टिक पैकेज पर PIBO का नाम, CPCB-जारी पंजीकरण संख्या और material identification होना चाहिए — सीधे मुद्रित या scannable QR कोड द्वारा। marketplace-branded पैकेजिंग वाले ई-कॉमर्स पार्सल पर यह दायित्व मार्केटप्लेस का है, विक्रेता का नहीं। गुम या स्कैन-न-होने वाले QR कोड अब प्रवर्तन कार्रवाई के शीर्ष तीन कारणों में हैं।

फ़ाइलिंग कैलेंडर: अर्ध-वार्षिक और वार्षिक रिटर्न

PIBOs हर वित्तीय वर्ष में दो अर्ध-वार्षिक रिटर्न और एक वार्षिक रिटर्न फ़ाइल करते हैं। वार्षिक रिटर्न, जिसकी अंतिम तिथि वित्त वर्ष केबाद 30 जून है, घोषित पैकेजिंग, वास्तविक EPR Certificates की खरीद, प्राप्त recycled content और आगे ले जाई गई कमी का मिलान करता है। देरी से फ़ाइलिंग पर जुर्माना; ग़लत श्रेणी वर्गीकरण पर जुर्माना; recycled content को अधिक बताने पर — अब audit-verifiable — जुर्माना और compliance downgrade, जो अगले वर्ष enhanced scrutiny का संकेत है।

आपके व्यवसाय के लिए इसका क्या अर्थ है

यदि आप ब्रांड ओनर, आयातक या ई-कॉमर्स इकाई हैं और प्लास्टिक पैकेजिंग संभालते हैं, तो अगले दो तिमाहियों को अनुपालन-स्प्रिंट मानें: 2024-25 और 2025-26 के पैकेजिंग डेटा का मिलान करें, SKU-दर-SKU चार श्रेणियों में वर्गीकृत करें, CPCB-पंजीकृत PWPs से recycled-content आपूर्ति तय करें, और बाज़ार-दरें बढ़ने से पहले EPR Certificate खरीद रणनीति lock करें। Testa & Tegmen की advisory टीम FMCG, फार्मा और D2C में PIBOs को audit-defensible EPR फ़ाइलें बनाने में सहायता करती है — पोर्टल पंजीकरण से लेकर वार्षिक रिटर्न फ़ाइलिंग और CPCB scrutiny response तक। 1 अप्रैल 2026 की प्रवर्तन तिथि के बाद नहीं, पहले संपर्क करें।

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